अनोखी दोस्ती

मैं एक छोटे से शहर का लड़का, बड़े शहर के भाग दौड़ से अनजान बस एक अच्छे काम की तलाश मुझे इस शहर की ओर खींच लाई थी, सपने में मैं भी महंगी गाड़ी चलाते खुद को देखा करता था लेकिन वो सपना कब सच होगा इस बात से बिल्कुल अनजान, वैसे मैं पढ़ा लिखा तो हु लेकिन इस भीड़ भाड़ वाली दुनिया मे मुझे क्या हासिल होगा ये तो मुझे भी नही पता था, बस नोकरी की तलाश करते हुए मेरी मुलाकात उससे हुई जिंसने मेरी दुनिया ही बदल दी, जिंसने एक छोटे से शहर के इस लड़के हो इस बड़े शहर में जीने का सही तरीका सीखा दिया, उससे मिलने से पहले मेरी काम की तलाश तो जारी थी लेकिन काम करना क्या है इस बात से मैं थोड़ा अनजान था,

उसने मुझे सिखाया की आखिर मैं किस काम के लिए बना हु या यूं कहें उसने मुझे मुझसे ही मिलवाया था, वो भी बिल्कुल नए तरीके से, उससे मिल कर कभी लगा ही नही की मैं किसी नए इंसान से मिल रहा, ऐसा लगा मानो हम एक दूसरे को बरसो से जानते है, उससे मेरी मुलाकात एक जगह नोकरी ढूंढने के दौरान ही हुई थी, फिर उसने मेरी काफी मदद की इस अनजान शहर में और मेरी अच्छी कंपनी में जॉब लग भी गई,

उसने मुझे बताया था कि कैसे वो भी एक छोटे से शहर से यहां आया था, बिल्कुल मेरे जैसे थोड़ा डरा हुआ था और बहुत वक्त तक उसे कोई काम मिला ही नही और मुझे देख उसे अपने शुरुआत के दिन याद आ गए,

मुझे नही पता था इस अनजान शहर में मुझे नोकरी के साथ एक ऐसा दोस्त मिल जायेगा जिससे पहली मुलाकात में दोस्ती हो जायेगी, वो भी ऐसी दोस्ती जिसके बारे में मैं सोच भी नही सकता था, तलाश तो एक नोकरी की थी लेकिन साथ में मैंने एक दोस्त भी कमाया, हमारी दोस्ती आज भी बहुत गहरी है, आज भी जब हम मिलते है तो दिन का पता ही नही चलता और मैं उसे हर बार बस शुक्रिया कह पाता हूं उन दिनों के लिए जब मैं बिल्कुल अकेला था।।

कभी कभी बिना मांगे हमे वो मिल जाता है जिसकी जरूरत तो हमे होती है, लेकिन हमें ही नही पता होता ।।

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